प्रिय भाइयों और बहनों,

पेट्रोलियम एम्प्लॉईज यूनियन ओएनजीसी में कार्यरत कर्मचारियों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के लिए निरंतर कार्य करने वाला एक संगठन है। हाल के कुछ समय में नए नेतृत्व के अंतर्गत ओएनजीसी प्रबंधन के निर्णयों और कार्यप्रणाली के कारण कर्मचारियों के दैनिक जीवन, उनकी सुरक्षा तथा कार्य परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। इस पृष्ठभूमि में पेट्रोलियम एम्प्लॉईज यूनियन ने संगठित रूप से, कानूनी ढांचे के भीतर तथा वास्तविक तथ्यों के आधार पर अपनी बात केंद्र सरकार के समक्ष रखी है।

यूनियन ने समय-समय पर लिखित निवेदन प्रस्तुत कर ओएनजीसी की वर्तमान स्थिति से केंद्र सरकार को अवगत कराया है। इसी क्रम में पेट्रोलियम एम्प्लॉईज यूनियन ने दिनांक 05 नवंबर 2025 को केंद्र सरकार को एक विस्तृत पत्र सौंपा था। इस पत्र में ओएनजीसी के ऑफशोर तथा ऑनशोर प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को होने वाली समस्याओं, सुरक्षा में मौजूद खामियों, कानूनों के प्रावधानों के उल्लंघन तथा प्रबंधन की नीतियों से उत्पन्न परिस्थितियों का विस्तार से उल्लेख किया गया था।

इस पत्र में यूनियन ने विशेष रूप से कार्यस्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपायों की कमी को रेखांकित किया था। जोखिमपूर्ण कार्यों के दौरान आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE), उनकी गुणवत्ता, समय पर उपलब्धता तथा उनके उपयोग से जुड़ी समस्याओं के कारण कर्मचारियों की सुरक्षा एक गंभीर विषय बन गई है, यह बात स्पष्ट रूप से रखी गई थी। साथ ही माइंस एक्ट, फैक्ट्रीज़ एक्ट तथा संबंधित कानूनों के प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने के विषय में भी यूनियन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी।

यूनियन के पत्र में ऑफशोर प्लेटफॉर्म पर रहने की परिस्थितियों का मुद्दा भी स्पष्ट रूप से उठाया गया था। पीने के पानी की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, आवास की स्थिति तथा निर्धारित क्षमता से अधिक जनशक्ति रखे जाने जैसी बातों का कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ रहा है, यह बात केंद्र सरकार के संज्ञान में लाई गई थी। इन परिस्थितियों के कारण शारीरिक और मानसिक तनाव बढ़ने का भी उल्लेख पत्र में किया गया था।

इसके अतिरिक्त, नई भर्ती प्रक्रिया से उत्पन्न स्थिति, नियमित कर्मचारियों पर बढ़ता कार्यभार तथा ठेकेदारी प्रणाली के माध्यम से काम कराए जाने से कार्यस्थल पर उत्पन्न हो रही समस्याओं का भी यूनियन के पत्र में उल्लेख किया गया था। अपर्याप्त जनशक्ति के कारण सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है, यह बात यूनियन ने स्पष्ट रूप से रखी थी।

इन सभी मुद्दों के संदर्भ में पेट्रोलियम एम्प्लॉईज यूनियन ने अपने दिनांक 05.11.2025 के पत्र की प्रतिलिपि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, संसदीय स्थायी समिति (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस), INTUC – नई दिल्ली, NFPM – मुंबई, तथा ओएनजीसी के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), निदेशक (HR), निदेशक (प्रोडक्शन) और निदेशक (T&FS) को भी भेजी थी, ताकि यह विषय संबंधित सभी प्राधिकरणों तक पहुँच सके।

पेट्रोलियम एम्प्लॉईज यूनियन की इस प्रस्तुति का संज्ञान लेते हुए भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इस प्रकरण में आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। इस संबंध में मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा File No. 17(26)/2025-IR, दिनांक 22 दिसंबर 2025 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। इस पत्र के माध्यम से संबंधित प्राधिकरणों को उक्त विषयों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यूनियन द्वारा उठाए गए मुद्दों की गंभीरता स्पष्ट होती है।

पेट्रोलियम एम्प्लॉईज यूनियन का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कानूनी अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यूनियन इस पूरी प्रक्रिया पर निरंतर नजर बनाए हुए है और केवल पत्राचार तक सीमित न रहते हुए, वास्तविक सुधार होने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।

पेट्रोलियम एम्प्लॉईज यूनियन के दिनांक 05.11.2025 के पत्र में उठाए गए सभी मुद्दे अत्यंत संवेदनशील और गंभीर प्रकृति के हैं। कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की दृष्टि से इन पर ठोस कार्यवाही होना आवश्यक है—यही यूनियन की दृढ़ भूमिका है।

एकता की जीत हो!

पेट्रोलियम एम्प्लॉईज यूनियन जिंदाबाद!

संतोष जे. पाटील
जनरल सेक्रेटरी
पेट्रोलियम एम्प्लॉईज यूनियन
मान्यता प्राप्त यूनियन
डब्ल्यू.ओ.यू, ओएनजीसी, मुंबई

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